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ऑटो एक्सपो द्वारा ब्रह्माकुमारी स्वाति दीदी विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित
CMD कॉलेज के प्रांगण में ऑटो एक्सपो द्वारा बिलासपुर की उत्कृष्ट 51 महिलाओं के सम्मान समारोह के भव्य आयोजन में ब्रह्माकुमारी स्वाति दीदी विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित
जिस प्रकार शारीरिक तंदरुस्ती के लिए शारीरिक व्यायाम आवश्यक है, उसी प्रकार मन को शक्तिशाली बनाने के लिए मन की एक्सरसाइज़ जरूरी है। मन के लिए एक्सरसाइज है सकारात्मक चिंतन। आज के युग में मानव का मन नकारात्मक दिशा में बहुत जल्दी और सहज मुड़ जाता है। सकारात्मक चिंतन करने के लिए मेहनत लगती है इसका कारण यह है कि मन को सकारात्मक चिंतन करने के लिए शुद्ध और श्रेष्ठ विचारों की खुराक देना आवश्यक है। सकारात्मक चिंतन के लिए हमारे जीवन में आध्यात्मिक ज्ञान का होना आवश्यक है।
उपरोक्त उद्बोधन सी.एम.डी. कॉलेज के प्रांगण में आयोजित गुन्जंस आयोजन तथा जेडी टोयोटा द्वारा छत्तीसगढ़ मेगा ऑटो एक्सपो के समापन अवसर पर विशिष्ट अतिथि ब्रह्माकुमारी स्वाति दीदी ने कहा। बारिश की रिमझिम फुहारों के बिच समाज की विशिष्ट 51 महिलाओं को सम्मानित करते हुए दीदी ने कहा कि समाज की आप अग्रणी पंक्ति की महिलाएं है जो समाज को नई दिशा प्रदान कर रहीं हैं। आपका समाज को सशक्त बनाने का कार्य अत्यंत सराहनीय है परन्तु बाह्य रूप से सशक्त करने में प्रयास के साथ आंतरिक सशक्तिकरण की भी आवश्यकता है। जिस प्रकार व्यक्ति को स्वास्थ्य के प्रति जागृति आती है, तो दिनचर्या में थोड़ा सा परिवर्तन कर लेता है और सब कुछ व्यवस्थित चलता है। इसी प्रकार मानसिक स्वास्थ्य की जागृति आ जाती है तो दिनचर्या में थोड़ा सा परिवर्तन करना मुश्किल नहीं होता। आत्मा को सकारात्मक चिंतन द्वारा सशक्त करने से जीवन सुव्यवस्थित हो जाता है। राजयोग मन को आराम देने की ऐसी रामबाण औषधि है जिसके द्वारा व्यक्ति अपने प्रयास द्वारा मन को शांत कर सकता है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक शैलेश पांडे जी, एडिशनल एसपी सुरेशा चौबे जी, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संजना तिवारी जी,बीके संतोषी दीदी, कमल छाबड़ा जी, चंचल सिंह जी, गुंजन सिंह, विनोद सिंह जी आदि उपस्थित थे।
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ब्रह्माकुमारीज राजयोग भवन में निःशुल्क बाल संस्कार शिविर का आयोजन
जब मिट्टी मुलायम होती है, उस समय हम जो आकार देना चाहें दे सकते हैं, लेकिन जब मिट्टी सूखकर कड़ी हो जाए, उस समय हम चाहकर भी उसका रूप परिवर्तन नहीं कर सकते। इसी प्रेरणादायी विचार के साथ बच्चों के चरित्र निर्माण और सर्वांगीण विकास हेतु प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, बिलासपुर मुख्य शाखा टेलीफोन एक्सचेंज रोड स्थित राजयोग भवन में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी ‘बाल संस्कार शिविर’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
टेलीफोन एक्सचेंज रोड स्थित मुख्य शाखा राजयोग भवन में पिछले 28 वर्षों से भी अधिक समय से निरंतर यह शिविर आयोजित किया जा रहा है। सेवाकेन्द्र संचालिका बीके स्वाति दीदी ने बताया कि बच्चों की 07 से 15 वर्ष की आयु व्यक्तित्व परिवर्तन की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था होती है। इस उम्र में सिखाए गए नैतिक मूल्य और संस्कार बच्चे स्वतः ही जीवन भर के लिए अपना लेते हैं। इस वर्ष यह शिविर 24 अप्रैल (शुक्रवार) से 30 अप्रैल 2026 (गुरुवार) तक आयोजित किया जाएगा। शिविर का समय प्रतिदिन सुबह 07:30 से 09:30 बजे तक रहेगा।
बीके स्वाति दीदी ने बताया कि 7 दिवसीय इस शिविर में बच्चों को आधुनिक चुनौतियों से निपटने और मानसिक रूप से सशक्त बनाने
के लिए विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें मुख्य रूप से इनर पर्सनालिटी डेवलपमेंट और मेमोरी पावर बढ़ाना, एकाग्रता (Concentration) और राजयोग मेडिटेशन, मोबाइल और स्क्रीन एडिक्शन के नुकसान और उससे बचाव, इमोशनल इंटेलिजेंसः कठिन परिस्थितियों में खुद को स्थिर रखना, नैतिक मूल्यः माता-पिता का सम्मान, कृतज्ञता का भाव और अच्छी आदतें, शारीरिक गतिविधियाँः प्राणायाम, एरोबिक्स और पर्यावरण के प्रति जागरूकता।
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एलाइट हॉस्पिटल में ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ का गरिमामयी उत्सव
एलाइट हॉस्पिटल में ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ के उपलक्ष्य में एक विशेष प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिलासपुर मुख्य सेवाकेंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी स्वाति दीदी जी एवं ब्रह्माकुमारी संतोषी दीदी जी उपस्थित रहीं। ब्रह्माकुमारी स्वाति दीदी ने हॉस्पिटल की महिला चिकित्सकों को उनकी निस्वार्थ सेवा और शक्ति के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में उपस्थित डॉ. कविता बब्बर, डॉ. प्रियंका जोशी, डॉ. प्रभा साहू, डॉ. भाग्यश्री, डॉ. श्वेता, डॉ. अभिलाषा डॉ. मंजूलताडॉ. मनीषा गुप्ता डॉ. सपना डॉ. रानू, साथ ही अस्पताल के समस्त नर्सिंग और मैनेजमेंट स्टाफ ने इस कार्यक्रम को सफल बनाया। दीदी के आध्यात्मिक संदेश ने सभी के मन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार किया।
तेलुगु संयुक्त समाज कल्याण समिति के तत्वावधान में ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर बिलासपुर ब्रह्माकुमारीज मुख्य सेवाकेंद्र से बीके संतोषी दीदी का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से बिलासपुर की महापौर श्रीमती पूजा विधानी जी, पूर्व महापौर श्रीमती वाणी राव जी एवं तेलुगु समाज की भारी संख्या में प्रबुद्ध महिलाएँ उपस्थित रहीं।
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सच्ची शिवरात्रि वही, जब हम अपनी बुराइयां शिव को सौंप दें
महाशिवरात्रि केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि आत्म-परिवर्तन और नवसृजन का दिव्य संदेश लेकर आता है। रविवार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, बिलासपुर मुख्य शाखा, टेलीफोन एक्सचेंज रोड स्थित राजयोग भवन में 90वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव पर विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रम बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ आयोजित किए गए। इस दौरान शिव ध्वजारोहण कर भाई-बहनों को जीवन की बुराइयां छोड़ने और पवित्र जीवन : जीने की प्रतिज्ञा कराई गई। बीके स्वाति दीदी ने कहा कि महाशिवरात्रि परमात्मा शिव के दिव्य अवतरण का स्मृति पर्व है।
यह पर्व हमें स्मरण कराता है कि जब-जब संसार में धर्म की ग्लानि बढ़ती है और मानव मूल्यों का पतन होता है, तब परमात्मा स्वयं इस धरा पर अवतरित होकर मानव को नई दिशा देते हैं।
यही कारण है कि शिवरात्रि को सभी पर्वों में महान माना गया है। दीदी ने बताया कि शिव पर अक धतूरा और भांग अर्पित करने का वास्तविक आध्यात्मिक रहस्य यह है कि हम अपने जीवन की कांटों जैसी बुराइयां-काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार परमात्मा को सौंप दें। जिस प्रकार दान की गई वस्तु वापस नहीं ली जाती, उसी प्रकार जब हम अपनी नकारात्मक आदतें और बुरे संस्कार परमात्मा को अर्पित कर देते हैं, तो उनसे सदा के लिए मुक्त हो सकते हैं। यही सच्ची शिवरात्रि है।
योग अभ्यास से आत्मा बनती है पवित्र और शक्तिशाली
बीके स्वाति दीदी ने कहा कि परमात्मा शिव ज्योतिबिंदु स्वरूप है, उनका कोई शारीरिक जन्म नहीं होता। वे दिव्य अवतरण द्वारा सृष्टि के संधिकाल में मानव कल्याण के लिए आते हैं। शिव स्वयं अजन्मा, अभोक्ता और सर्वशक्तिमान हैं। शिवलिंग परमात्मा शिव का प्रतीक है, जो हमें उनके निराकार ज्योति स्वरूप की याद दिलाता है। आज का समय कलियुग का अंतिम चरण है, जिसे महारात्रि भी कहा गया है। बढ़ता तनाव, हिंसा, नैतिक पतन और प्रकृति का असंतुलन विश्व परिवर्तन की ओर संकेत कर रहे हैं। ऐसे समय में परमात्मा सहज राजयोग की शिक्षा देकर देवतुल्य जीवन जीने की प्रेरणा दे रहे हैं।
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